प्रशासनिक सुधार विभाग के माध्यम से राज्य सरकार के विभिन्न विभागों / अधीनस्थ कार्यालयों के लिए राजस्थान चतुर्थ श्रेणी सेवा (भर्ती एवं सेवा की अन्य शर्ते) नियम, 1999 यथा संशोधित एवं राजस्थान अनुसूचित क्षेत्र अधीनस्थ, मंत्रालयिक एवं चतुर्थ श्रेणी सेवा (भर्ती एवं सेवा की अन्य शर्तें) नियम, 2014 के अन्तर्गत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के कुल 52,453 (गैर अनुसूचित क्षेत्र के 46,931 एवं अनुसूचित क्षेत्र के 5522) के पदों पर भर्ती हेतु निर्धारित प्रपत्र मे राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा योग्य अभ्यर्थियों से विज्ञापन में वर्णित शर्तों एवं निर्बन्धनों के अध्याधीन ऑनलाईन आवेदन पत्र (Online Application Form) आमंत्रित किये जाते हैं।
ऑनलाईन आवेदन की प्रक्रियाः-
उत्कृष्ट खिलाडी के पदों हेतुः-
वेतनमान:-
पात्रता एवं शैक्षणिक योग्यताः-
- मुख्य परीक्षा में उपस्थित होने से पहले, जहां लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के दो चरणों के माध्यम से चयन किया जाता है
- साक्षात्कार में उपस्थित होने से पहले जहां लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से चयन किया जाता है।
- लिखित परीक्षा या साक्षात्कार में उपस्थित होने से पहले जहाँ केवल लिखित परीक्षा या केवल साक्षात्कार के माध्यम से चयन किया जाना है, जैसा भी मामला हो।
अन्य योग्यताएँ:-
- स्वास्थ्यः- उक्त पद पर भर्ती के लिए उम्मीदवार अच्छे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का होना चाहिए और वह ऐसे किसी मानसिक या शारीरिक दोष से मुक्त होना चाहिए जो कि उक्त पदके रूप में उसके कर्तव्यों के कुशल पालन में बाधा डाल सके और यदि वह चयनित कर लिया जाता है तो उसे इसके लिये अपना आरोग्यता प्रमाण पत्र उस जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी या मेडीकल ज्यूरिस्ट द्वारा हस्ताक्षरित प्रस्तुत करना होगा जिस जिले में सामान्यतः वह निवास करता है।
- चरित्र:- सेवा में सीधी भर्ती के लिए आवेदक का चरित्र ऐसा होना चाहिये जिससे कि वह उक्त पद पर नियुक्ति के लिये योग्य हो सके। उसे सचरित्र का प्रमाण पत्र ऐसे विश्वविद्यालय, स्कूल या कॉलेज जहां उसने अंतिम शिक्षा प्राप्त की हो, के प्रधानाचार्य / शिक्षा अधिकारी के द्वारा प्रदत, प्रस्तुत करना होगा और दो ऐसे उत्तरदायी व्यक्तियों के प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करने होगें जो आवेदन-पत्र की दिनांक से 6 महीने पहले के न हो और अभ्यर्थी के रिश्तेदार द्वारा दिये हुये नही हो।
राष्ट्रीयता:-
- भारत का नागरिक हो, या
- नेपाल का प्रजाजन हो, या
- भूटान का प्रजाजन हो, या
- ऐसा तिब्बती शरणार्थी जो दिनांक 1-1-62 से पहले भारत में स्थाई रूप से बसने के विचार से आया था, या
- भारतीय मूल का व्यक्ति ने जो भारत में स्थाई रूप से बसने के विचार से पाकिस्तान, म्यांमार, श्रीलंका, पूर्वी अफ्रीकी देश कीनिया, युगान्डा और संयुक्त तंजानिया गणराज्य (भूतपूर्व टंगानिया तथा जंजीबार), जाम्विया, मालवी, जैर और इथोपिया से भारत में स्थानान्तरण कर लिया हो।
आयुः-
पेंशन:-
विवाह पंजीयनः-
पंजीयन शुल्क जमा कराने एवं ऑनलाईन आवेदन पत्र भरने की अवधिः-
- यदि आवेदक द्वारा OTR (One Time Registration) का एकबारीय पंजीयन शुल्क जमा नहीं किया गया है तो पंजीयन शुल्क राज्य के निर्धारित ई-मित्र कियोस्क, जन सुविधा केन्द्र (C.S.C.), नेट बैकिंग, ए.टी.एम. कम डेबिट कार्ड एवं क्रेडिट कार्ड के माध्यम से दिनांक 21.03.2025 से दिनांक 19.04.2025 को रात्रि 23.59 बजे तक जमा कराया जा सकता है।
- ऑनलाईन आवेदन पत्र दिनांक 21.03.2025 से दिनांक 19.04.2025 को रात्रि 23.59 बजे तक बोर्ड की वेबसाईट पर भरें जा सकते है (इसके उपरांत लिंक निष्क्रिय हो जाएगा)। आवेद कों को सलाह दी जाती है कि ऑनलाईन आवेदन की अन्तिम दिनांक का इन्तजार किए बिना समय सीमा के भीतर ऑनलाईन आवेदन करें।
परीक्षा आयोजन:-
- बोर्ड द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के उक्त पदों पर भर्ती परीक्षा दिनांक 18 से 21 सितम्बर, 2025 को कम्प्यूटर आधारित परीक्षा (CBT)/टेबलेट आधारित परीक्षा (TBT) / ऑफलाईन (ओ.एम.आर.) आधारित परीक्षा आयोजित करवाई जानी प्रस्तावित है। परीक्षा की दिनांक एवं स्थान में परिवर्तन करने का अधिकार बोर्ड के पास सुरक्षित है।
- बोर्ड द्वारा एक से अधिक चरणों में किसी भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जाएगा तो उसमें सामान्यीकरण (Normalization) की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
प्रवेश पत्रः-
अनापत्ति प्रमाण पत्र के संबंध में:-
नियुक्ति की अयोग्यताएँ:-
- किसी भी ऐसे पुरूष आवेदक को जिसकी एक से अधिक जीवित पत्नी हो चयनित किए जाने या नियुक्ति के लिये पात्र नहीं माना जावेगा। किसी आवेदक को इस नियम की कार्यवाही से छूट दी जा सकती है यदि सरकार संतुष्ट हो कि ऐसा करने के लिए विशेष आधार हैं।
- किसी भी ऐसी महिला आवेदक को जिसने उस पुरूष सेविवाह किया है जिसके पहले जीवित पत्नी है नियुक्ति के लिये पात्र नहीं माना जावेगा। किसी महिला आवेदक को इस नियम की कार्यवाही से छूट दीजा सकती है यदि सरकार संतुष्ट हो कि ऐसा करने के लिए विशेष आधार है।